7 science 4

 

ଆମ ଶିକ୍ଷଣର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କରିବା

​୧. କେଉଁ ଧାତୁ ଶସ୍ତା ଓ ଏହାର ପତଳା ପାତକୁ ସହଜରେ ମୋଡ଼ି ଯେକୌଣସି ଆକାରର କରିହୁଏ ବୋଲି ଏହାକୁ ଖାଦ୍ୟ ପୁଡ଼ିଆ ପ୍ରସ୍ତୁତି ପାଇଁ ସାଧାରଣତଃ ବ୍ୟବହାର କରାଯାଏ?

​(କ) ଆଲୁମିନିୟମ୍

(ଖ) ତମ୍ବା

(ଗ) ଲୁହା

(ଘ) ସୁନା

उत्तर: (i) ऐलुमिनियम

​୨. ନିମ୍ନଲିଖିତ କେଉଁ ଧାତୁ ଜଳ ସଂସ୍ପର୍ଶରେ ଆସିଲେ ସେଥିରେ ନିଆଁ ଲାଗିଯାଏ?

​(କ) ତମ୍ବା

(ଖ) ଆଲୁମିନିୟମ୍

(ଗ) ଦସ୍ତା

(ଘ) ସୋଡିୟମ୍

उत्तर: (iv) सोडियम

୩. ନିମ୍ନଲିଖିତ ଉକ୍ତିଗୁଡ଼ିକ ଠିକ୍ ବା ଭୁଲ୍? କାରଣ ସହିତ ଦର୍ଶାଅ।

​(କ) ଆଲୁମିନିୟମ୍ ଓ ତମ୍ବା ଦୁଇଟି ଅଧାତୁର ଉଦାହରଣ ଯାହା ବାସନକୁସନ ଓ ମୂର୍ତ୍ତି ତିଆରି ପାଇଁ ବ୍ୟବହୃତ ହୁଏ।

(ଖ) ଧାତୁଗୁଡ଼ିକ ଅମ୍ଳଜାନ ସହ ସଂଯୁକ୍ତ ହୋଇ ଅକ୍‌ସାଇଡ୍ ତିଆରି କରନ୍ତି ଯାହାର ଦ୍ରବଣ ନୀଳ ଲିଟମସ୍ କାଗଜର ବର୍ଣ୍ଣକୁ ଲାଲ୍ କରିଦିଏ।

(ଗ) ଅମ୍ଳଜାନ ଶ୍ୱସନ ପାଇଁ ଏକ ଅପରିହାର୍ଯ୍ୟ ଅଧାତୁ।

(ଘ) ପାଣି ଫୁଟାଇବା ପାଇଁ ତମ୍ବା ପାତ୍ର ବ୍ୟବହାର କରାଯାଇଥାଏ, କାରଣ ସେଗୁଡ଼ିକ ବିଦ୍ୟୁତ୍‌ର ସୁପରିବାହୀ।

उत्तर:

(i) असत्य कारण: ऐलुमिनियम और ताँबा धातुएँ हैं, न कि अधातुएँ। ये पात्रों और मूर्तियों को बनाने के लिए उपयोग की जाती हैं।
(ii) असत्य कारण: धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं, जो नीले लिटमस पत्र को लाल में परिवर्तित नहीं करते, बल्कि लाल लिटमस को नीला कर सकते हैं।
(iii) सत्य कारण: ऑक्सीजन एक अधातु है और श्वसन के लिए आवश्यक है।
(iv) असत्य कारण: ताँबे के पात्रों का उपयोग जल उबालने के लिए किया जाता है क्योंकि वे ऊष्मा के सुचालक होते हैं, न कि विद्युत के सुचालक होने के कारण।

୪. କାହିଁକି କେବଳ ଅଳ୍ପ କେତେକ ଧାତୁ ଅଳଙ୍କାର ତିଆରି ପାଇଁ ଉପଯୁକ୍ତ ଅଟନ୍ତି?


उत्तर: केवल कुछ धातुएँ आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त होती हैं क्योंकि वे आघातवर्धनीय और तन्य होती हैं, जैसे सोना और चाँदी, जिन्हें आसानी से पतली चादरों या तारों में बदला जा सकता है। साथ ही, ये धातुएँ द्युतिमय होती हैं, जो आभूषणों को आकर्षक बनाती हैं।

​୫. ‘କ’ ସ୍ତମ୍ଭରେ ଦିଆଯାଇଥିବା ଧାତୁ ଓ ଅଧାତୁଗୁଡ଼ିକର ବ୍ୟବହାର ବା ଗୁଣ ସହିତ ‘ଖ’ ସ୍ତମ୍ଭରେ ଥିବା ଉପଯୁକ୍ତ ଧାତୁ ବା ଅଧାତୁର ନାମକୁ ମିଳାଅ।


उत्तर:

स्तंभ I (उपयोग)स्तंभ II (धातु/अधातु)
(क) विद्युतीय तारों में उपयोग(iii) ताँबा
(ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तन्य(v) सोडियम
(ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं(i) ऑक्सीजन
(घ) जब मृदा में इस उर्वरक को मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ रूप से वृद्धि करते हैं(iv) नाइट्रोजन
(ङ) जल शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है(ii) क्लोरीन

୬. ମ୍ୟାଗ୍ନେସିୟମ୍ ଓ ସଲଫର୍ ସହ ଅମ୍ଳଜାନ ପ୍ରତିକ୍ରିୟା କଲେ କ’ଣ ହୁଏ? ଉତ୍ପନ୍ନ ଉତ୍ପାଦଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟରେ ମୁଖ୍ୟ ପାର୍ଥକ୍ୟ କ’ଣ ଅଛି?

उत्तर: मैग्नीशियम ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है, जो क्षारीय प्रकृति का होता है। सल्फर ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके सल्फर डाइऑक्साइड बनाता है, जो जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है और अम्लीय प्रकृति का होता है।

विवरण: प्रमुख अंतर यह है कि धातु (मैग्नीशियम) का ऑक्साइड क्षारीय होता है, जो लाल लिटमस को नीला कर देता है, जबकि अधातु (सल्फर) का ऑक्साइड अम्लीय होता है, जो नीले लिटमस को लाल कर देता है।

୭. ନିମ୍ନ ପ୍ରଦତ୍ତ ପ୍ରବାହ ଚିତ୍ରଟି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କର।

उत्तर: 

मैग्नीशियम + वायु + ऊष्मा → मैग्नीशियम ऑक्साइड (राख)
                                                                                | जल
                                                        मैग्नीशियम ऑक्साइड विलयन
                                                                                     |
                                           नीला और लाल लिटमस विलयन अलग-अलग मिलाएँ
                                                      |                                                      |
                    नीले लिटमस के रंग में परिवर्तन:                   लाल लिटमस के रंग में परिवर्तन:
                     नीला (कोई परिवर्तन नहीं)                                      नीला

୮. ତୁମକୁ ନିମ୍ନଲିଖିତ ପଦାର୍ଥଗୁଡ଼ିକ ଦର୍ଶାଯାଇଛି। ଆଲୋଚନା କର, ତୁମେ କେଉଁ ପଦାର୍ଥକୁ ପାଣି ଫୁଟାଇବା ପାତ୍ର ତିଆରି ପାଇଁ ସବୁଠୁ ଅଧିକ ପସନ୍ଦ କରିବ ଏବଂ କାହିଁକି?


उत्तर:ताँबा सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह ऊष्मा का सुचालक है, जिससे जल जल्दी गर्म होता है। सल्फर, कोयला, प्लास्टिक, लकड़ी और गत्ता ऊष्मा के कुचालक हैं, और लोहा जंग लगने के कारण कम उपयुक्त है।

୯. ତୁମକୁ ତେଲ, ଜଳ ଓ ଭିନେଗାରରେ ବୁଡ଼ି ରହିଥିବା ତିନିଟି ଲୁହାକଣ୍ଟା ଦିଆଯାଇଛି। କେଉଁ କଣ୍ଟାଟି କଳଙ୍କି ଧରିବ ନାହିଁ ଏବଂ କାହିଁକି?


उत्तर: तेल में डूबी लोहे की कील में जंग नहीं लगेगा क्योंकि तेल की परत वायु और जल के संपर्क को रोकती है, जो जंग लगने के लिए आवश्यक हैं।


୧୦. ଧାତୁ ଓ ଅଧାତୁଗୁଡ଼ିକର ବିଭିନ୍ନ ଧର୍ମ କିପରି ସେମାନଙ୍କର ବ୍ୟବହାରକୁ ସ୍ଥିର କରେ?

उत्तर: धातुओं का उपयोग उनकी कठोरता, द्युतिमयता, आघातवर्धनीयता, तन्यता, और ऊष्मा एवं विद्युत चालकता के कारण बर्तन, तार, और उपकरण बनाने में होता है। अधातुएँ जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, और क्लोरीन श्वसन, उर्वरक, और जल शुद्धिकरण में उपयोगी हैं।

୧୧. ଲୁହାକୁ କଳଙ୍କି ଧରିବାରୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଗୋଟିଏ ଉପାୟ ହେଉଛି, ଏହା ଉପରେ ଦସ୍ତାର ଏକ ପତଳା ଆବରଣ ଦେବା। ସଲଫର୍ ଜଳ ସହିତ ପ୍ରତିକ୍ରିୟା କରେ ନାହିଁ। ଏହାକୁ ଲୁହା ଉପରେ ପ୍ରଲେପ ଦେବା ପାଇଁ ବ୍ୟବହାର କରିହେବ କି? ତୁମ ଉତ୍ତରର ଯଥାର୍ଥତା ପ୍ରତିପାଦନ କର।

उत्तर: सल्फर का उपयोग लोहे की जंग से बचाने के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि यह अधातु है और जंग-प्रतिरोधी सुरक्षात्मक परत नहीं बनाता, जैसा कि जिंक (गैल्वेनाइजेशन) करता है।

​୧୨. ଜଣେ ଲୁହା କାରିଗର କୌଣସି ଉପକରଣ ତିଆରି କରିବା ପୂର୍ବରୁ ନେଉଥିବା ଲୁହାକୁ ଉତ୍ତପ୍ତ କରିଥାଏ। ଏହି ପ୍ରଣାଳୀରେ ଉତ୍ତପ୍ତ କରିବା କାହିଁକି ଆବଶ୍ୟକ?

उत्तर: लोहार लोहे को गर्म करता है ताकि वह नरम हो जाए और आघातवर्धनीयता के कारण आसानी से पीटकर वांछित आकार में ढाला जा सके।